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फ्लाइट की टिकट बुक कराने से लेकर प्रॉपर्टी खरीदने तक... दुबई में क्रिप्टोकरेंसी मचा रही धमाल, क्या है यूएई का प्लान?

राजेश भारती
4-5 minutes

नई दिल्ली: हमारे देश में जहां क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) अभी भी चलन में नहीं है, वहीं दुबई में यह धमाल मचा रही है। लोग इसका इस्तेमाल फ्लाइट की टिकट बुक कराने से लेकर प्रॉपर्टी खरीदने तक में कर रहे हैं। इस समय दुबई में क्रिप्टोकरेंसी खास जगह बना रही है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) टैक्स में छूट और निवेशकों के लिए अच्छे माहौल के कारण क्रिप्टो का केंद्र बन रहा है।

दुबई में हाल ही में दो बड़े फैसले हुए हैं। एमिरेट्स एयरलाइंस (Emirates Airlines) ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत अब फ्लाइट की टिकट क्रिप्टो से बुक हो सकेंगी। दुबई लैंड डिपार्टमेंट (DLD) ने भी एक क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी की है। इससे प्रॉपर्टी के सौदे ब्लॉकचेन तकनीक से हो सकेंगे। ये सब एक बड़े बदलाव का हिस्सा है। साल 2025 की शुरुआत में क्रिप्टो बाजार 3 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा का हो गया। लोग अब रोजमर्रा के कामों में भी क्रिप्टो का इस्तेमाल कर रहे हैं। दुबई सरकार और प्राइवेट कंपनियां मिलकर इस मांग को पूरा कर रही हैं।
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दुबई में ये क्रिप्टोकरेंसी चलन में

दुबई में कुछ खास क्रिप्टो करेंसी इस्तेमाल होती हैं। इनमें बिटकॉइन (BTC), इथेरियम (ETH), टेथर (USDT) और यूएसडी कॉइन (USDC) प्रमुख हैं।

यूएई में क्रिप्टो को क्यों किया जा रहा इतना पसंद?

  • यूएई में क्रिप्टो रखने पर कोई टैक्स नहीं लगता। इसका मतलब है कि क्रिप्टो को बेचने, लगाने या माइनिंग करने से होने वाले मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं है। यह निवेशकों के लिए बहुत अच्छी बात है।
  • दुबई स्मार्ट सिटी बनना चाहता है। यहां ब्लॉकचेन (Blockchain) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसलिए निवेश के नजरिए से क्रिप्टो के लिए यहां अच्छा माहौल है।
  • क्रिप्टो से दुनिया भर के निवेशक यूएई की अर्थव्यवस्था में आसानी से हिस्सा ले सकते हैं। उन्हें बैंक और करेंसी बदलने का झंझट नहीं होता।

एमिरेट्स एयरलाइन ने किया समझौता

9 जुलाई 2025 को एमिरेट्स ने एक बड़े क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के साथ समझौता किया। अब एमिरेट्स की टिकटें क्रिप्टो से खरीदी जा सकेंगी। यह सिस्टम अगले साल शुरू हो जाएगा। ग्राहक बिटकॉइन और इथेरियम जैसी क्रिप्टोकरेंसी से टिकट खरीद पाएंगे।शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम की मौजूदगी में यह समझौता हुआ। एमिरेट्स का कहना है कि वह युवा और तकनीक पसंद करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर यह कदम उठा रही है। एमिरेट्स के डिप्टी प्रेसिडेंट अदनान काजिम ने कहा कि इससे ग्राहकों को ज्यादा सुविधा मिलेगी। साथ ही यह पेमेंट के नए तरीकों को अपनाने की दिशा में भी एक कदम है।

प्रॉपर्टी में भी क्रिप्टो का इस्तेमाल

जुलाई 2025 में दुबई लैंड डिपार्टमेंट (DLD) ने एक समझौता किया। इससे प्रॉपर्टी को खरीदने, बेचने और रिकॉर्ड करने का तरीका बदल जाएगा। यह दिखाता है कि क्रिप्टो को अब सरकार भी बढ़ावा दे रही है।

इस समझौते के तहत DLD और कंपनी मिलकर रियल एस्टेट के लिए एक सुरक्षित डिजिटल माहौल बनाएंगे। इसमें क्रिप्टो से प्रॉपर्टी खरीदना, निवेशकों की पहचान करना और प्रॉपर्टी को टोकन में बदलना शामिल है। टोकन से प्रॉपर्टी को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर बेचा जा सकता है।

यह पहल दुबई रियल एस्टेट स्ट्रेटेजी 2033 का हिस्सा है। इसका लक्ष्य है कि रियल एस्टेट के लेनदेन 1 ट्रिलियन AED (करीब 272 अरब डॉलर) तक पहुंच जाएं। क्रिप्टो को एक जरिया माना जा रहा है। इससे दुनिया भर के निवेशकों को आकर्षित किया जा सकता है। खासकर वे निवेशक जो डिजिटल फाइनेंस में काम कर रहे हैं। कई बड़े डेवलपर्स ने पहले ही क्रिप्टो पेमेंट लेना शुरू कर दिया है।


दुबई बनेगा क्रिप्टो हब

यह कदम दुबई के क्रिप्टो हब बनने के सपने को पूरा करने में मदद करेगा। यहां न सिर्फ निवेश, बल्कि रोजमर्रा की चीजें भी क्रिप्टो से खरीदी जा सकेंगी। यह उस भविष्य की ओर एक और कदम है, जहां क्रिप्टो सिर्फ रखने की चीज नहीं रहेगी, बल्कि इस्तेमाल भी होगी।
राजेश भारती

लेखक के बारे मेंराजेश भारतीराजेश भारती, नवभारतटाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर के तौर पर बिजनेस की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 15 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह नवभारत टाइम्स अखबार में 5 साल से ज्यादा काम कर चुके हैं। वहां राजेश भारती ने विभिन्न विषयों जैसे- पर्सनल फाइनेंस, इंश्योरेंस, शेयर मार्केट, टेक, गैजेट्स, हेल्थ, एजुकेशन आदि पर फीचर स्टोरी लिखी हैं। नवभारत टाइम्स अखबार में काम करने से पहले इन्होंने दैनिक भास्कर, लोकमत जैसे अखबारों में रिपोर्टिंग और डेस्क, दोनों जगह काम किया है। राजेश भारती को ऑनलाइन के साथ प्रिंट का भी अनुभव है। वह भोपाल, इंदौर, औरंगाबाद (महाराष्ट्र) और रायपुर में काम कर चुके हैं। औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में ऑल इंडिया रेडियो के लिए भी काम किया है।... और पढ़ें

₹1 करोड़ का हुआ एक BitCoin, 'क्रिप्टो वीक' के पहले दिन नई ऊंचाई पर, चांदी और Google भी छूटे पीछे

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₹1 करोड़ का हुआ एक BitCoin, 'क्रिप्टो वीक' के पहले दिन नई ऊंचाई पर, चांदी और Google भी छूटे पीछे

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बिटकॉइन की तेजी ने इसे मार्केट कैप के हिसाब से सिल्वर और गूगल से आगे कर दिया और अब यह दुनिया का छठा सबसे बड़ा एसेट है।

BitCoin jumps to Record High: अमेरिकी 'क्रिप्टो वीक' से पहले बिटकॉइन की चमक तेजी से बढ़ रही है। मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के भाव उछलकर $1.21 लाख के पार पहुंच गए। भारतीय करेंसी रुपये में बात करें तो पहली बार बिटकॉइन 1 करोड़ के पार पहुंचा है। कॉइनमार्केटकैप पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक फिलहाल यह 3.68% की तेजी के साथ $1,22,291.69 पर है। कारोबार के दौराम आज यह $1,22,540.92 के रिकॉर्ड हाई तक पहुंचा था। सात दिनों में इसमें 12% से अधिक तेजी आई है। इस क्रिप्टो मार्केट को ट्रंप के सपोर्ट, क्रिप्टो ईटीएफ में मजबूत निवेश और कॉरपोरेट ट्रेजरी के बढ़ते आवंटन से सपोर्ट मिला है।

चांदी और गूगल से आगे निकला BitCoin

बिटकॉइन की तेजी ने इसे मार्केट कैप के हिसाब से सिल्वर और गूगल से आगे कर दिया और अब यह दुनिया का छठा सबसे बड़ा एसेट है। बिटकॉइन का मार्केट कैप $2.4 ट्रिलियन यानी $2.4 लाख करोड़ है जबकि गूगल का मार्केट कैप $2.19 ट्रिलियन है। मार्केट कैप के हिसाब से टॉप एसेट गोल्ड है। BuyUcoin के सीईओ शिवम ठकराल के मुताबिक आज से शुरू हो रहे 'क्रिप्टो वीक' ने बिटकॉइन में तगड़ी चाबी भरी है जिसके चलते यह नई ऊंचाई पर पहुंचा है।

Crypto Week क्या है?

अमेरिका ने 3 जुलाई को ऐलान किया था कि 14 जुलाई से शुरू होने वाला सफ्ताह क्रिप्टो वीक होगा। अमेरिका को दुनिया की क्रिप्टो कैपिटल बनाने के लक्ष्य के तहत क्लेरिटी एक्ट (CLARITY Act), जीनियस एक्ट (GENIUS Act) और एंटी-सीबीडीसी सर्विलांस एक्ट जैसे अहम बिल पर चर्चा होगी। ये बिल क्रिप्टो से जुड़ी नियामकीय भूमिकाओं को स्पष्ट करने, स्टेबलकॉइन्स को ऑथराइज करने और अमेरिका के सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को रोकने के उद्देश्य से लाए जा रहे हैं। कॉइनस्विच मार्केट्स डेस्क के मुताबिक इससे क्रिप्टो मार्केट में इंस्टीट्यूशंस की हिस्सेदारी बढ़ सकती है।

एवा लैब्स की रीजनल हेड देविका मित्तल का कहना है कि ये बिल काफी अच्छे समय पर आ रहें हैं क्योंकि वियतनाम जैसे देश भी क्रिप्टो को अपनाना शुरू कर रहे हैं। बड़ी-बड़ी कंपनियां अब तक स्पष्ट नियमों के इंतजार में इससे दूर थे, लेकिन अब क्रिप्टो वीक में पेश किए जाने वाले बिल से उन्हें क्रिप्टो में निवेश को लेकर भरोसा आ सकता है। हालांकि इन बिल्स (विधेयकों) का उद्देश्य क्रिप्टो मार्केट में बड़े निवेशकों को आकर्षित करने का ही नहीं, बल्कि आम निवेशकों को धोखाधड़ी और गलत तरीकों से बचाने का भी है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि क्रिप्टो मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।